
रायगढ़ : पिछले कई सालों से मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई बचा हुआ कसर सोशल मीडिया पूरा कर दे रहा है लोग अपनी सुविधा के अनुसार मुहूर्त बना लेते हैं जबकि अपने अपने पूर्वजों की बात माने तो गांव का जो पंडित मुहूर्त बताता था उसी के हिसाब से सभी त्योहार और पूजा पाठ किया जाता था लेकिन अब पंडितों का जगह गूगल बाबा और सोशल मीडिया और चद अधूरे ज्ञान वाले के लोगो ने ले लिया है जिसके चक्कर में कोई कार्य मुहूर्त पर नहीं हो पा रहा है
मिली जनकारी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र की बातें माने तो 30 अगस्त दिन बुधवार को पूरे दिन भद्रा होने की वजह से रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार रात को 9:00 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 7बजे तक का मुहूर्त बताया जा रहा है
लेकिन ज्योतिष शास्त्र में और हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्य उगने से लेकर सूर्य डूबने तक त्योहारों की तैय समय सीमा शदीयो से चलती आ रही है और गुरुवार 31 अगस्त सुबह 7:05 सूर्य का उदय हो रहा है और पूर्णिमा हो रही है इसलिए गुरुवार को पूरे दिन भर बहने अपने भाई के कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती है




